मन भरने छोडने की फ़िर कभी बात की तो जिन्दा ही कबरों में सीता सा ठोक देंगे

https://www.youtube.com/watch?v=hGf8rOwFzvo

हो मनभर गया है जो हमसे

सारे रिस्ते तोड देंगे

जिस दिन आदत बनोगे

उसी दिन ही छोड देंगे

 

जन्नत की हूर हो और

परी हो हमारे लिये

ऐसी ही रैहैना

पलकें बिछाये सदा रखेगे

 

खुद का जिस्म काट के भी

तुझे मैहैल शान देंगे

गलती न देखेंगे हम

पागलों सा प्यार देंगे

 

तेरे जैसी बेवफ़ा को

खुला कैसे छोड देंगे

सन्दिग्ध हरकत की तो

अन्दर में ठोक देंगे

 

राम और रावण की अब

सीख साथ साथ लेंगे

जहां जो भी फ़िट बैठेगी

वहीं वैसी सीख देंगे

 

लेन देन अब बराबर

करना ही होगा जानी

लेके जो रूठ बैठे

बाप का भी छीन लेंगे

 

 

जनम जनम का बादा

जो तोडा अगर हमसे तो

सांसें तुम्हारी भी अब

खाल सहित छीन लेंगे

 

दिखाये जो दैहैशत मन्जर

करा के कतल करने को

उन्हीं मन्जरों को तेरी

सजा इक्तेहार देंगे

 

बुला लियो अपने रैस्लर

उनको भी देख लेंगे

रिस्ते नहीं माने तो

कोठों पे बांध देंगे  

 

डोकटर के पेसे से

अगर तूने कांड कीन्हें

दीवारों में तेरी

बोटियों को गाड देंगे

    

मन भरने छोडने की  

फ़िर कभी बात की तो

जिन्दा ही कबरों में

सीता सा ठोक देंगे

 

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